तो भई, लिखना तो कुछ नहीं है, कहना भर ही है, तो इसे सुन ही डालो, मेरी पहली हिन्दी पॉडकास्ट।
आडियो कदाचित् उच्च क्वालिटी का न हो, इसके लिए क्षमा करें, मुझे आडियो के साथ अधिक छेड़-छाड़ करना नहीं आता, पर धीरे धीरे सब सीख जाएँगे तो आडियो की क्वालिटी भी बढ़ जाएगी।
टिप्पणियों का स्वागत है।
मजा आ गया हिंदी की पाडकास्टिंग सुन कर, इससे पहले जिन भाषाओं की सुनी थी उनका तो कुछ अता पता नही था। ४ बजे सोकर उठना कब होता है।
बड़ी दमदार आवाज़ है अमित भाई. पॉडकास्टिंग की दुनिया में क़दम रखने पर बधाई!
अमित, आप का पॉडकास्ट सुन कर अच्छा लगा. साउंड क्वालिटी ठीक करने की ज़रूरत है. http://www.podcast.net/search पर hindi पर खोज करेंगे तो कई हिन्दी पॉड्कास्ट मिल जाएंगे. हमारे ब्लॉगनाद वाले सारे पॉड्कास्ट भी वहाँ पर थे, पर फिलहाल ठण्डे बस्ते में हैं.
एक और कड़ी : http://www.podcast.net/tag/hindi
आप भी अपना पॉडकास्ट वहाँ डाल सकते हैं.
अमित
भाई आप के हिन्दी ब्लॉगमंडल में आगमन से मुझे बहुत खुशी हूई है। रोज नई जुगत तो भई खुरकी लोग ही करते हैं। कुछ इन्हीं भावनाओं के साथ मैंने भी “पहली हिन्दी पॉडकास्ट” यहाँ की थी। लगे रहिए।
साथ ही नारद जी को कवर करने के लिए धन्यवाद। शायद अक्षरग्राम बनाने के बाद सबसे ज्यादा मजा इसी में आया था। नारद जी आजकल जीतू जी के देखरेख में है व इसमें सुधार के लिए कुछ आयडिया वगैरह हों तो जरुर बताइएगा।
जाते जाते एक और आग्रह है। आप की तकनीकी जानकारी का लोहा मानना पड़ेगा। आप समय समय पर इस बारे में लेख भी लिखते रहते हैं। यदि उचित समझें व आप को लगे की कोई लेख हिन्दी चिट्ठों की विकी - सर्वज्ञ में भी होना चाहिए तो वहाँ अपना खाता बना कर जरुर लिखें। यदि हिन्दी जालजगत में किसी तकनीकी जानकारी के लिए मैं आपके काम आ सकूं तो मुझे खुशी होगी।
- पंकज नरुला
@तरूण:
९:३० बजे तक उठ जाता हूँ। वैसे कल की रात तो काली ही हुई समझो। ४:३० बजे सोने का मन न हुआ क्योंकि मुझे पता था कि फ़िर मैं ६:३० बजे नहीं उठ पाऊँगा। और ६:३० बजे जाग जाना आवश्यक था क्योंकि “हिस्ट्री वाल्क” पर जाना था।
तो इसलिए सोने की छुट्टी ही कर डाली, वापस आकर दिन में मात्र २ घंटे सोया, ऐसी की तैसी फ़िर गई अच्छे से!!
@हिन्दीब्लॉगर:
हाँ, आवाज़ तो दमदार है।
वह कुछ इसलिए भी लग रही थी कि रात भर से सोया नहीं था और माईक तो मुँह के अधिक पास लाकर बोल रहा था।
धन्यवाद, पर पॉडकास्टिंग की दुनिया में तो कदम यहाँ पर पहली पोस्ट से ही रख दिया था, यह तो अपनी आवाज़ में पहली पॉडकास्ट है।
@रमण:
मुझे मालूम है। पर क्या करें, १५ मिनट में जितना ठीक कर सकता था, कर दिया था।
अब कुछ प्रयोग कर अभ्यास की आवश्यकता है ताकि आडियो से पंगा लेना आ जाए।
कड़ियों के लिए धन्यवाद।
@पंकज:
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अवश्य।
भईये, जिससे रोज़ी रोटी चलती हो, यदि उसकी जानकारी नहीं रखेंगे तो कहाँ जाएँगे?
भई, अब ऐसा है कि मेरे द्वारा लिखी कोई भी बकवास आपको इस योग्य लगती है कि वह सर्वज्ञ विकी में होनी चाहिए, तो बेधड़क कॉपी-पेस्ट मार के डाल दो, मुझे कोई आपत्ति नहीं है। यदि चाहोगे तो उसका हिन्दी अनुवाद करने का भी प्रयत्न कर लूँगा, क्योंकि तकनीकी बकवास तो मैं अंग्रेज़ी में ही करता हूँ।
धन्यवाद। अपन तो वैसे कमर कस कर ही मैदान में उतरते हैं, परन्तु फ़िर भी आवश्यकता पड़ने पर आपको अवश्य याद करूँगा।
मासा अल्लाह क्या आवाज पाई हैं (आकाशवाणी में पार्टटाइम जोब कर सकते हो
. पर अगली बार थोङे सौम्य रहे. आपकी अगली पोस्ट का इन्तजार हैं.